गुरुवार, 22 नवंबर 2012

भागदौर भरी जीवन में 
एक आस दबी सि थी.......
बहुत कुछ होते हुए भी 
एक सन्नाटा सा पसरा था........
सोचता हूँ,,,,, 
अगर आप का साथ न होता.... 
तो जान भी न पाता........
रिश्ते और प्यार को समझ भी नहीं पाता।
कर्जदार हूँ......
आपके भरोसे और प्यार का।
कोशिश रहेगी हमेशा
टूट न पाए ये भरोसा....
ज़िन्दगी के आखिरी साँसों तक।

शनिवार, 21 जुलाई 2012

एक भारतीय को भारतीय बनने का इंतज़ार

नाम-- शमशेर  खान
उम्र  ९० साल 
नागरिक- पाकिस्तान 

करीब २५ साल कि उम्र रही होगी वो राजस्थान के झुंझुनू जिले से किसी काम के सिलसिले सिंध गए और तभी देश का बंटवारा हो गया और शमशेर पकिस्तान ही रह गए और उनकी पत्नी सलामत बानो और बच्चे भारत में ही रह गए| पिछले चालीस सालों में पाँच बार ही वो भारत आ पायें है अपने परिवार से मिलने को| ९० साल के शमशेर के हाथ में वीजा पासपोर्ट और अर्जी है उन्होंने अर्जी में बुढ़ापा और बीमारी का हवाला देकर झुंझुनू ( राजस्थान) के जिला कलेक्टर से भारतीय नागरिकता के लिए गुहार लगाई है| उन्हें एक महीने का पर्यटन वीजा मिला है और उनका पूरा परिवार चिंतित है इस एक माह के बाद क्या होगा?  
क्या भारत सरकार को शमशेर जैसे लोगों के आवेदन पर सहानुभूति से विचार नहीं करना चाहिए? क्योंकि उनका कोई भी परिजन पाकिस्तान में नहीं है तो कौन उनकी परवरिश करेगा?
एक इंसान को अपनी पसंद के मुल्क में रहने का हक है और ये मानवाधिकारों में आता है. क्या हमें ऐसे मामलो में मानवीय रुख अपनाना नहीं चाहिए और शमशेर को भारत में रहने की अनुमति दे देनी चाहिए?

शनिवार, 21 जनवरी 2012

कभी आपका सहारा हुआ करता था 
जब भी कमज़ोर पड़ता आपका साथ हुआ करता था
 पर जाने अनजाने क्या भूल हुई 
जाने अनजाने हमसे क्या खता हो गयी. 
हम मानाने गए और आप रूठ कर चली गयी 
और आपका इस तरह जाना 
हमें अच्छा ना लगा, हमें अच्छा ना लगा.
पर होनी को कोई टाल ना सका 
समय के साथ मै भी बदलता चला गया.......
अपनी ही धुन में खो गया.........
अपनी ही मस्ती में समां गया 
दुनिया कि फ़िक्र छोड़ 
मै भी सर उठा जीने लगा.................